बेटी की शादी के लिए मिलेंगे 55,000 रुपये ऐसे फॉर्म भरे-mukhyamantri kanya vivah yojana mp

mukhyamantri kanya vivah yojana mp

mukhyamantri kanya vivah yojana mp: भाईयो और बहनों, शादी-ब्याह आजकल बड़ा खर्चा हो गया है। एक साधारण परिवार में लड़की की शादी करने में लाखों रुपये लग जाते हैं। दहेज, कपड़े, भोजन, सामान – सब मिलाकर गरीब आदमी की कमर टूट जाती है। मध्य प्रदेश सरकार ने इसी दर्द को समझते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना (जिसे लोग सामूहिक विवाह योजना भी कहते हैं) चलाई है। 2006 में शुरू हुई यह योजना आज भी गरीबों, मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों की लाड़ली बेटियों की शादी आसान बना रही है।

mukhyamantri kanya vivah yojana mp
mukhyamantri kanya vivah yojana mp

योजना का मकसद क्या है?

सरकार का सीधा उद्देश्य है – गरीब परिवारों की कन्याओं, विधवाओं और परित्यक्ता (तलाकशुदा) महिलाओं की शादी में आर्थिक बोझ कम करना। सामूहिक विवाह करवाकर एक साथ कई जोड़ों की शादी होती है, ताकि खर्चा बंट जाए और सबको सम्मान से ब्याह हो जाए। इसमें दहेज जैसी रस्मों को भी हतोत्साहित किया जाता है।

योजना में कितना पैसा मिलता है? (2026 अपडेट)

प्रति कन्या कुल ₹55,000 की मदद मिलती है:

  • ₹49,000 सीधे दुल्हन के नाम अकाउंट पेयी चेक या बैंक खाते में – घर बसाने के लिए (बर्तन, बिस्तर, कपड़े, फर्नीचर आदि खरीदने को)।
  • ₹6,000 आयोजन करने वाले पंचायत या नगर निकाय को – भोजन, मंडप, सजावट आदि के खर्चे में।

पहले कुछ साल पहले राशि कम थी, लेकिन अब बढ़ाकर 55 हजार कर दी गई है। कोई भी एकल (अकेले) शादी नहीं, सिर्फ सामूहिक विवाह में ही लाभ मिलता है। कम से कम 5 जोड़ों का कार्यक्रम होना जरूरी है।

कौन-कौन पात्र हैं?

  1. लड़की (दुल्हन) की उम्र 18 साल पूरी हो चुकी हो।
  2. लड़के (दूल्हे) की उम्र 21 साल पूरी हो।
  3. लड़की या उसके माता-पिता मध्य प्रदेश के मूल निवासी हों (अगर दूल्हा बाहर का भी हो तो भी लड़की को फायदा मिल सकता है)।
  4. सभी वर्ग के लोग – सामान्य, OBC, SC, ST – सब पात्र।
  5. आय की कोई सीमा नहीं – चाहे कितनी भी कमाई हो, बस मूल निवासी होना चाहिए।
  6. विधवा बहनें (पति की मौत का प्रमाण-पत्र) और तलाकशुदा (कोर्ट का आदेश) भी पात्र हैं।
  7. पहले कभी शादी न हुई हो।

नोट: अगर लड़की बिल्डिंग वर्कर बोर्ड में रजिस्टर्ड मजदूर की बेटी है तो 2 लड़कियों तक का पैसा बोर्ड से भी रिकवर किया जा सकता है।

जरूरी दस्तावेज क्या-क्या लगेंगे?

  • आधार कार्ड (लड़की और लड़के दोनों का)
  • उम्र का प्रमाण (स्कूल सर्टिफिकेट, जन्म प्रमाण-पत्र, वोटर लिस्ट, MGNREGS कार्ड आदि)
  • मूल निवासी प्रमाण-पत्र
  • समग्र आईडी (अगर हो तो)
  • 2-2 पासपोर्ट साइज फोटो (लड़की-लड़के)
  • मोबाइल नंबर (लड़की, लड़के और माता-पिता का)
  • विधवा के लिए – पति का मौत प्रमाण-पत्र
  • तलाकशुदा के लिए – कोर्ट का आदेश
  • फॉर्म में और भी कुछ सरल कागजात

आवेदन कैसे करें?

  • ऑफलाइन ही आवेदन होता है।
  • ग्रामीण क्षेत्र में → अपने गांव की ग्राम पंचायत या जनपद पंचायत कार्यालय में जाओ।
  • शहरी क्षेत्र में → नगर निगम, नगर पालिका या नगर परिषद के कार्यालय में।
  • वहां मुफ्त आवेदन फॉर्म लो, भरकर सभी कागजात साथ लगाकर जमा कर दो।
  • सामूहिक विवाह की तारीख से कम से कम 15 दिन पहले जमा करना जरूरी है।

फॉर्म जमा होने के बाद स्क्रूटनी होती है। विवाह पोर्टल (vivahportal.mp.gov.in) पर नाम डाला जाता है। स्वीकृत होने पर आपको सूचना मिल जाती है। अस्वीकृत होने पर अपील भी कर सकते हो।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम कैसे होते हैं?

हर जिले में मंत्री महोदय तय करते हैं कि कब-कब सामूहिक विवाह होंगे। जिले के सामाजिक न्याय विभाग और स्थानीय निकाय (पंचायत/नगर निकाय) मिलकर कार्यक्रम आयोजित करते हैं।

  • भोजन, मंडप, सजावट, माला-माला सब कुछ निकाय ही करवाता है।
  • शादी के दिन ही चेक दुल्हन को सौंप दिया जाता है।
  • पूरे मध्य प्रदेश में हर साल सैकड़ों ऐसे कार्यक्रम होते हैं।

आगामी कार्यक्रमों की सूची vivahportal.mp.gov.in पर देख सकते हो।

अधिक जानकारी के लिए:

  • विभाग की वेबसाइट: socialjustice.mp.gov.in
  • विवाह पोर्टल: vivahportal.mp.gov.in
  • हेल्पलाइन: 0755-2556916 या CM हेल्पलाइन 181

जय हिंद! अपनी बेटियों को सम्मान से ब्याहो, सरकार साथ है। ❤️ (सभी जानकारी सरकारी वेबसाइट और 2026 अपडेट के अनुसार)

Related posts

Leave a Comment