मुख्यमंत्री जनकल्याण सम्बल योजना सभी जानकारी डिटेल्स में – mukhyamantri sambal yojana full details in hindi

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mukhyamantri sambal yojana full details in hindi: हमारे समाज का वह हिस्सा जो दिन-रात पसीना बहाकर ऊँची इमारतें बनाता है, सड़कें बिछाता है, या खेतों में मेहनत करता है—अक्सर वही सबसे असुरक्षित होता है। एक दिहाड़ी मजदूर के लिए सबसे बड़ा डर यह नहीं होता कि आज काम मिलेगा या नहीं, बल्कि यह होता है कि ‘अगर कल मुझे कुछ हो गया, तो मेरे परिवार का क्या होगा?’ वह अपनी पूरी जिंदगी दूसरों का भविष्य बनाने में लगा देता है, लेकिन जब खुद के घर पर दुखों का पहाड़ टूटता है, तो वह अकेला खड़ा रह जाता है। इसी अकेलेपन को दूर करने और मध्य प्रदेश के हर मेहनतकश भाई-बहन को यह अहसास दिलाने के लिए कि ‘सरकार आपके साथ है’, मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना की शुरुआत की गई है। यह सिर्फ एक सरकारी कागज नहीं, बल्कि हर गरीब के लिए उम्मीद की एक मजबूत लाठी है।

संबल योजना क्या है? (संकट के समय का सच्चा सहारा)

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक ऐसी योजना है जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को जन्म से लेकर मृत्यु तक सुरक्षा प्रदान करती है। इसे ‘संबल 2.0’ के रूप में नया स्वरूप दिया गया है ताकि प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ हो सके। यह योजना श्रमिक के जीवन के हर महत्वपूर्ण मोड़ पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है—चाहे वह बच्चे का जन्म हो, शिक्षा हो, दुर्घटना हो या परिवार के मुखिया की असामयिक मृत्यु। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब व्यक्ति पैसे के अभाव में अपनी बुनियादी जरूरतों या स्वाभिमान से समझौता न करे। संबल योजना का कार्ड होना इस बात की गारंटी है कि राज्य सरकार उस श्रमिक के परिवार की ‘अभिभावक’ है।

योजना के तहत मिलने वाले ‘अनमोल’ लाभ

संबल योजना की व्यापकता इसे देश की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजनाओं में से एक बनाती है। इसके तहत मिलने वाली सहायता राशियों का विवरण कुछ इस प्रकार है:

  1. अंत्येष्टि सहायता: परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिए ₹5,000 की तत्काल सहायता।

  2. सामान्य मृत्यु सहायता: श्रमिक की सामान्य मृत्यु होने पर परिवार को ₹2 लाख की आर्थिक मदद।

  3. दुर्घटना मृत्यु सहायता: किसी दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को ₹4 लाख का सहारा।

  4. स्थायी अपंगता सहायता: दुर्घटना में पूर्ण रूप से दिव्यांग होने पर ₹2 लाख की सहायता।

  5. आंशिक अपंगता सहायता: शरीर के किसी अंग की स्थायी क्षति पर ₹1 लाख की मदद।

  6. अनुग्रह सहायता (प्रसूति सहायता): सबसे मानवीय पहलू—शिशु के जन्म से पहले माँ को ₹4,000 और जन्म के बाद ₹12,000 (कुल ₹16,000) दिए जाते हैं ताकि माँ और बच्चा स्वस्थ रहें।

  7. शिक्षा प्रोत्साहन: बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति और उच्च शिक्षा के लिए सहायता।

कौन बन सकता है संबल योजना का पात्र? (पात्रता की शर्तें)

संबल योजना का लाभ लेने के लिए आपका असंगठित श्रमिक होना अनिवार्य है। इसकी शर्तें बहुत सरल हैं:

  • निवासी: आवेदक को मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।

  • असंगठित श्रमिक: वह व्यक्ति जो किसी अन्य के यहाँ मजदूरी करता है या खुद का छोटा-मोटा काम (जैसे रेहड़ी-पटरी, मोची, सिलाई आदि) करता है और किसी पीएफ (EPF) या ईएसआईसी (ESIC) का लाभ नहीं ले रहा है।

  • आयकर: परिवार का कोई भी सदस्य आयकर दाता (Income Tax Payer) नहीं होना चाहिए।

  • सरकारी सेवा: परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी (नियमित/संविदा) में नहीं होना चाहिए।

  • भूमि सीमा: आवेदक के पास 1 हेक्टेयर (लगभग 2.5 एकड़) से अधिक कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज़ (चेकलिस्ट)

फॉर्म भरने के लिए आपको बस कुछ बुनियादी कागजात चाहिए:

  • समग्र आईडी (Samagra ID): सदस्य आईडी और परिवार आईडी (ई-केवाईसी अनिवार्य)।

  • आधार कार्ड: जो सक्रिय मोबाइल नंबर से लिंक हो।

  • मोबाइल नंबर: जिस पर ओटीपी (OTP) प्राप्त हो सके।

  • नियोजन का विवरण: आप क्या काम करते हैं, इसकी जानकारी।

  • बैंक खाता: आधार से लिंक खाता जिसमें डीबीटी (DBT) सक्रिय हो।

संबल 2.0: ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)

अब संबल कार्ड बनवाना बहुत आसान है। आप घर बैठे या अपने गाँव के पंचायत/शहर के वार्ड कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं।

स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ सबसे पहले संबल पोर्टल (sambal.mp.gov.in) पर जाएँ। होमपेज पर आपको ‘पंजीयन हेतु आवेदन करें’ का विकल्प दिखेगा।

स्टेप 2: समग्र आईडी और आधार प्रविष्टि अपनी 9 अंकों की ‘सदस्य समग्र आईडी’ और ‘परिवार आईडी’ दर्ज करें। कैप्चा कोड भरकर ‘खोजें’ पर क्लिक करें। यहाँ आपकी ई-केवाईसी (e-KYC) स्थिति की जांच होगी। यदि केवाईसी नहीं है, तो पहले उसे पूरा करें।

स्टेप 3: श्रमिक का विवरण भरें जैसे ही आप लॉगिन करेंगे, आपकी बुनियादी जानकारी (नाम, उम्र, पता) समग्र आईडी से अपने आप आ जाएगी। आपको अन्य विवरण भरने होंगे, जैसे—आपकी शिक्षा, आपका व्यवसाय (मजदूरी का प्रकार), और आपका मोबाइल नंबर।

स्टेप 4: श्रमिक का नियोजन विवरण आपको यह घोषणा करनी होगी कि आप एक असंगठित श्रमिक हैं और साल में कम से कम 90 दिनों तक मजदूरी का काम किया है।

स्टेप 5: आवेदन सबमिट करें और पावती लें सभी जानकारी भरने के बाद, ‘आवेदन सुरक्षित करें’ पर क्लिक करें। आपको एक ‘आवेदन क्रमांक’ मिलेगा। इसे संभालकर रखें। आपका आवेदन अब आपके स्थानीय निकाय (ग्राम पंचायत या जनपद पंचायत/नगर पालिका) के पास भौतिक सत्यापन (Verification) के लिए पहुँच जाएगा।

सत्यापन और कार्ड प्राप्ति (संबल कार्ड कैसे मिलेगा?)

फॉर्म भरने के बाद आपकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। आपके आवेदन का सत्यापन पंचायत सचिव या वार्ड प्रभारी द्वारा किया जाता है। वे जांचते हैं कि आप वाकई पात्र हैं या नहीं।

  • जांच सही पाए जाने पर, आपका संबल कार्ड ‘Approved’ कर दिया जाता है।

  • आप पोर्टल पर जाकर अपना कार्ड खुद डाउनलोड कर सकते हैं। यह कार्ड डिजिटल हस्ताक्षरित (Digitally Signed) होता है और हर जगह मान्य है।

ई-केवाईसी और डीबीटी: सफलता की कुंजी

संबल योजना का पैसा अटकने का सबसे बड़ा कारण है बैंक खाते का आधार से लिंक न होना।

  1. ई-केवाईसी: सुनिश्चित करें कि आपकी समग्र आईडी और आधार में नाम और जन्मतिथि एक जैसी हो।

  2. डीबीटी (DBT): अपने बैंक में जाकर ‘Direct Benefit Transfer’ चालू करवाएं। संबल का पैसा इसी के माध्यम से सीधे आपके खाते में आता है।

संबल 2.0 में क्या है नया? (शिकायत और पारदर्शिता)

संबल 2.0 पोर्टल में अब ‘अपील’ करने की भी सुविधा है। अगर किसी कारणवश आपका आवेदन निरस्त कर दिया जाता है, तो आप ऑनलाइन पोर्टल पर ही वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी शिकायत या अपील दर्ज करा सकते हैं। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और कोई भी पात्र श्रमिक लाभ से वंचित नहीं रहता।

About Brajmohan Vishwakarma

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