जब हुनर हो, हौसला हो, पर जेब खाली हो
pradhan mantri mudra yojana online apply process in hindi: हम सबने कभी न कभी अपने अंदर एक आवाज़ सुनी है—”काश, मैं अपना खुद का कुछ काम शुरू कर पाता।” चाहे वह एक छोटी सी बेकरी खोलने का सपना हो, अपने पुश्तैनी कपड़े की दुकान को बड़ा करने की चाहत हो, या फिर एक ब्यूटी पार्लर शुरू करने की ज़िद। भारत के हर कोने में लाखों आँखें ऐसे सपने देखती हैं। लेकिन, इन सपनों के सामने सबसे बड़ी दीवार बनकर खड़ी हो जाती है—’पूंजी’ यानी पैसा।
अक्सर देखा गया है कि एक आम आदमी बैंक जाने से डरता है। उसे लगता है कि बैंक वाले ‘गारंटी’ मांगेंगे, कुछ गिरवी रखने को कहेंगे, और एक गरीब या मध्यम वर्गीय इंसान के पास गिरवी रखने को होता ही क्या है? इसी लाचारी को खत्म करने और स्वाभिमान को जगाने के लिए भारत सरकार ने ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ (PMMY) की शुरुआत की। यह योजना सिर्फ एक लोन स्कीम नहीं है, यह सरकार का देश के छोटे व्यापारियों पर जताया गया ‘भरोसा’ है।
क्या है प्रधानमंत्री मुद्रा योजना? (Funding the Unfunded)
सरल शब्दों में कहें तो मुद्रा (MUDRA – Micro Units Development and Refinance Agency) योजना का मकसद उन लोगों को पैसा मुहैया कराना है, जिन तक बड़े बैंकों की नज़र नहीं जाती। इसे “फंडिंग द अनफंडेड” कहा गया है।
पहले क्या होता था? अगर किसी को 50 हज़ार या 1 लाख की जरूरत होती, तो वह गांव के साहूकार के पास जाता था जो भारी ब्याज वसूलता था और कर्जदार को कभी उठने नहीं देता था। मुद्रा योजना ने इस जंजीर को तोड़ दिया है। अब आप बिना किसी दलाल के, सीधे बैंक से सम्मान के साथ लोन ले सकते हैं। यह योजना गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु/सूक्ष्म उद्यमों के लिए है।
जिंदगी के अलग-अलग पड़ावों जैसी तीन श्रेणियां: शिशु, किशोर और तरुण
इस योजना की सबसे खूबसूरत बात इसका वैज्ञानिक और मानवीय विभाजन है। सरकार ने समझा कि हर किसी की जरूरत एक जैसी नहीं होती। जैसे एक बच्चा बड़ा होता है, वैसे ही बिजनेस भी बड़ा होता है। इसी आधार पर इसके तीन हिस्से हैं:
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शिशु (Shishu): शुरुआत करने वालों के लिए यह उन लोगों के लिए है जो अभी ‘शिशु’ यानी बच्चे की तरह अपने व्यापार में पहला कदम रख रहे हैं। अगर आपके पास सिर्फ एक आईडिया है और आप छोटी शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह कैटेगरी आपके लिए है।
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लोन राशि: ₹50,000 तक।
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उदाहरण: आप सिलाई मशीन खरीदना चाहते हैं, सड़क किनारे फ़ूड स्टॉल लगाना चाहते हैं या पापड़ बनाने का काम शुरू करना चाहते हैं। यह राशि छोटी जरूर है, पर पहले कदम के लिए काफी है।
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किशोर (Kishore): खुद को स्थापित करने वालों के लिए जब बच्चा थोड़ा बड़ा होता है, तो उसकी जरूरतें बढ़ती हैं। वैसे ही, अगर आपका बिजनेस चल पड़ा है और अब आप उसे जमाना चाहते हैं, तो आप ‘किशोर’ श्रेणी में आते हैं।
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लोन राशि: ₹50,000 से ₹5 लाख तक।
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उदाहरण: मान लीजिये आपकी किराना दुकान है और आप स्टॉक बढ़ाना चाहते हैं, या आप टैक्सी ड्राइवर हैं और अपनी खुद की गाड़ी खरीदना चाहते हैं।
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तरुण (Tarun): ऊंची उड़ान भरने वालों के लिए यह मैच्योरिटी यानी परिपक्वता का स्तर है। जब आपका बिजनेस सेट हो चुका है और अब आप उसे बड़े स्तर पर ले जाना चाहते हैं, मशीनें लगाना चाहते हैं या दूसरी ब्रांच खोलना चाहते हैं।
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लोन राशि: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक।
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उदाहरण: एक छोटी वर्कशॉप को फैक्ट्री में बदलना, बड़ी मशीनरी खरीदना या शोरूम खोलना।
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सबसे बड़ा सवाल: क्या कुछ गिरवी रखना पड़ेगा? (No Collateral)
यह इस आर्टिकल का और इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे ध्यान से पढ़िए। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह ‘कोलैटरल फ्री’ (Collateral Free) लोन है।
इसका मतलब है कि आपको बैंक को अपनी ज़मीन के कागज़, घर की रजिस्ट्री या जेवर गिरवी रखने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार मानती है कि आपके पास ‘संपत्ति’ भले न हो, पर आपके पास ‘नीयत’ और ‘हुनर’ है। बैंक आपके बिजनेस प्लान और आपकी साख पर लोन देता है। अगर लोन डूबता है, तो उसकी गारंटी सरकार की तरफ से दी जाती है, आपकी तरफ से नहीं। यह एक मध्यम वर्गीय परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत है।
कौन ले सकता है यह लोन? (पात्रता और अपनापन)
अक्सर हमें लगता है कि बिजनेस लोन तो सिर्फ़ सूट-बूट वाले लोगों के लिए होते हैं। मुद्रा योजना ने इस भ्रम को तोड़ा है। यह योजना आपके और हमारे जैसे आम लोगों के लिए है। इसमें शामिल हैं:
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दुकानदार, फल-सब्जी विक्रेता।
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कारीगर (कुम्हार, लोहार, बढ़ई)।
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ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिलाएं।
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ट्रक, ऑटो या रिक्शा चालक।
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खाद्य प्रसंस्करण (अचार, जैम, बिस्कुट बनाने वाले)।
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मरम्मत की दुकानें (मैकेनिक, मोबाइल रिपेयरिंग)।
अगर आप खेती-किसानी से हटकर कोई भी छोटा-मोटा काम करके अपनी आजीविका कमाते हैं और मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग या सर्विस सेक्टर में हैं, तो आप इसके हकदार हैं।
मुद्रा कार्ड: आपका चलता-फिरता बैंक
लोन पास होने के बाद, पैसे का इस्तेमाल कैसे होगा? इसके लिए सरकार आपको ‘मुद्रा कार्ड’ देती है। यह बिल्कुल आपके डेबिट कार्ड (ATM कार्ड) जैसा होता है।
मान लीजिये आपका 2 लाख का लोन पास हुआ। इसका मतलब यह नहीं कि आपको 2 लाख नकद मिल जाएंगे और ब्याज शुरू हो जाएगा। पैसा आपके मुद्रा खाते में रहेगा। आपको जब माल खरीदना हो, आप इस कार्ड को स्वाइप करें और खरीदारी करें। सबसे अच्छी बात यह है कि ब्याज केवल उतनी ही राशि पर लगेगा जितनी आपने खर्च की है, न कि पूरी मंजूर हुई राशि पर। यह सुविधा व्यापारी को फिजूलखर्ची से बचाती है।
ब्याज दर: कोई छुपा हुआ खेल नहीं
मुद्रा योजना की ब्याज दरें फिक्स नहीं हैं, यह अलग-अलग बैंकों पर निर्भर करती हैं, लेकिन यह साहूकारों के ब्याज से बहुत कम होती हैं। आमतौर पर यह 8% से 12% सालाना के आसपास हो सकती है। यह पूरी तरह पारदर्शी है। बैंक अधिकारी आपको लोन देते समय ही बता देंगे कि आपकी किस्त कितनी बनेगी और ब्याज कितना लगेगा। इसमें कोई छुपा हुआ शुल्क (Hidden Charges) नहीं होता।
आवेदन कैसे करें? (कागज़ी नहीं, असली तरीका)
वेबसाइट पर प्रक्रिया पढ़ना आसान है, लेकिन हकीकत में इसे कैसे करना है, आइये समझते हैं:
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बिजनेस प्लान तैयार करें: बैंक जाने से पहले एक सादे कागज पर लिख लें कि आप क्या करना चाहते हैं। कितनी लागत आएगी? कितना पैसा आपके पास है और कितना बैंक से चाहिए? इसे ‘प्रोजेक्ट रिपोर्ट’ कहते हैं। यह जितनी साफ होगी, लोन मिलने में उतनी आसानी होगी।
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दस्तावेज़: अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, पते का प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र (अगर लागू हो), और दो पासपोर्ट साइज फोटो तैयार रखें। अगर दुकान का रजिस्ट्रेशन है तो वह भी साथ लें।
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बैंक जाएं: अपने नजदीकी सरकारी, प्राइवेट बैंक या ग्रामीण बैंक में जाएं। वहां लोन विभाग में ‘मुद्रा लोन’ का फॉर्म मांगें। (याद रखें, दलालों से दूर रहें, यह मुफ्त है)।
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ऑनलाइन विकल्प: आप ‘उद्यमीमित्र’ (Udyamimitra) पोर्टल पर जाकर घर बैठे भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह पोर्टल कई बैंकों तक आपकी अर्जी एक साथ पहुंचा देता है।
महिलाओं के लिए वरदान: सशक्तिकरण की नई मिसाल
इस योजना का एक बहुत ही भावुक और सकारात्मक पहलू यह है कि इसके लाभार्थियों में लगभग 68% से ज्यादा महिलाएं हैं। यह सिर्फ़ आंकड़ा नहीं है। यह उन महिलाओं की कहानी है जिन्होंने घर की चारदीवारी से निकलकर अचार का बिजनेस शुरू किया, या बुटीक खोला। मुद्रा योजना ने महिलाओं को ‘गृहणी’ से ‘उद्यमी’ बनाया है। अगर आपके घर में भी कोई महिला हुनरमंद है, तो उन्हें इस योजना के बारे में जरूर बताएं।
कुछ सावधानियां और सलाह (एक दोस्त के नाते)
लोन लेना आसान है, लेकिन उसे चुकाना एक जिम्मेदारी है।
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सिविल स्कोर (CIBIL): अगर आपने पहले कभी कोई लोन लिया और नहीं चुकाया, तो बैंक आपको मना कर सकता है। अपना रिकॉर्ड साफ़ रखें।
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सही जानकारी: बैंक को कभी भी गलत जानकारी न दें। बैंक अधिकारी आपके काम की जगह (दुकान/घर) का मुआयना करने आ सकते हैं।
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धैर्य रखें: सरकारी काम में थोड़ा समय लग सकता है। अगर बैंक कर्मचारी आनाकानी करे, तो आप बैंक मैनेजर से बात करें या ऑनलाइन शिकायत भी कर सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करे

