डेयरी फार्म लोन योजना 2025: dairy farm loan yojana 2025 सम्पूर्ण जानकारी, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहाँ खेती के साथ-साथ पशुपालन (Animal Husbandry) भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। डेयरी फार्मिंग आज के समय में न केवल एक पारंपरिक कार्य है, बल्कि एक मुनाफे वाला व्यवसाय भी बन चुका है। इसी को देखते हुए भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें किसानों और पशुपालकों को आर्थिक सहायता देने के लिए “डेयरी फार्म लोन योजना” चला रही हैं।
यदि आप भी अपना खुद का डेयरी फार्म खोलना चाहते हैं या पुराने फार्म को बढ़ाना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। यहाँ हम आपको डेयरी फार्म लोन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी हिंदी में देंगे।
डेयरी फार्म लोन योजना क्या है?
आम भाषा में जिसे हम “डेयरी फार्म लोन योजना” कहते हैं, वह असल में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का एक समूह है। इनका मुख्य उद्देश्य देश में दुग्ध उत्पादन (Milk Production) को बढ़ावा देना, अच्छी नस्ल के पशुओं को तैयार करना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा करना है।
पहले नाबार्ड (NABARD) की ‘डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS)’ बहुत लोकप्रिय थी, जिसमें भारी सब्सिडी मिलती थी।[2] हालाँकि, हाल के वर्षों में सरकार ने योजनाओं के स्वरूप में बदलाव किया है।[3] अब मुख्य रूप से AHIDF (Animal Husbandry Infrastructure Development Fund), पशु किसान क्रेडिट कार्ड और विभिन्न राज्य-स्तरीय योजनाओं के तहत लोन और सब्सिडी दी जा रही है।
प्रमुख डेयरी लोन योजनाएं (2025)
वर्तमान में डेयरी बिजनेस के लिए आप इन मुख्य योजनाओं के तहत आवेदन कर सकते हैं:
1. पशुपालन अवसंरचना विकास कोष (AHIDF)
यह केंद्र सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य डेयरी प्रोसेसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना है।
लाभ: इसमें आपको लोन पर 3% की ब्याज छूट (Interest Subvention) मिलती है।
क्रेडिट गारंटी: सरकार 25% तक की क्रेडिट गारंटी देती है, जिससे बैंक से लोन मिलना आसान हो जाता है।
किसके लिए: यदि आप दूध प्रसंस्करण (Milk Processing) यूनिट, चिलिंग प्लांट या पशु आहार (Cattle Feed) प्लांट लगाना चाहते हैं, तो यह योजना सबसे बेहतरीन है।
2. पशु किसान क्रेडिट कार्ड (PKCC)
जिस तरह खेती के लिए ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ होता है, उसी तरह पशुओं के रखरखाव के लिए ‘पशु किसान क्रेडिट कार्ड’ योजना है।
उद्देश्य: यह लोन पशु खरीदने के लिए नहीं, बल्कि उनके चारे, दाने और रखरखाव (Working Capital) के खर्च के लिए मिलता है।
राशि: बिना गारंटी के ₹1.60 लाख तक का लोन मिल सकता है। कोलेटरल (जमानत) के साथ यह राशि ₹3 लाख तक हो सकती है।
ब्याज दर: समय पर भुगतान करने पर ब्याज दर बहुत कम (लगभग 4%) लगती है।
3. नाबार्ड (NABARD) और बैंक टर्म लोन
नाबार्ड सीधे लोन नहीं देता, लेकिन वह बैंकों को रिफाइनेंस करता है। आप किसी भी सरकारी बैंक (जैसे SBI, Bank of Baroda, PNB) से डेयरी बिजनेस के लिए ‘एग्री टर्म लोन’ ले सकते हैं।
उद्देश्य: गाय-भैंस खरीदने, शेड बनाने और मशीनरी (जैसे मिल्किंग मशीन) खरीदने के लिए।
सब्सिडी: केंद्र सरकार की सब्सिडी योजनाएं समय-समय पर बदलती रहती हैं, लेकिन कई राज्य सरकारें (जैसे यूपी की ‘गोपालक योजना’, हरियाणा और बिहार की पशुपालन योजनाएं) अपने स्तर पर 25% से 50% तक सब्सिडी देती हैं।
डेयरी फार्म लोन के लाभ
कम ब्याज दर: सरकारी योजनाओं के तहत ब्याज दर सामान्य बिजनेस लोन के मुकाबले कम होती है।
सब्सिडी की सुविधा: आरक्षित वर्ग (SC/ST) और महिलाओं के लिए अक्सर ज्यादा सब्सिडी (33.33% से 50% तक) का प्रावधान होता है।
आसान किश्तें: लोन चुकाने के लिए आपको 5 से 7 साल तक का समय मिलता है, और कई बार शुरू के 6 महीने (Moratorium Period) कोई किश्त नहीं देनी होती।
रोजगार सृजन: इससे न केवल आपकी आय बढ़ती है, बल्कि आप गाँव के अन्य लोगों को भी रोजगार दे पाते हैं।
पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)
डेयरी फार्म लोन लेने के लिए आपको निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
नागरिकता: आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
आयु सीमा: आवेदक की उम्र 18 वर्ष से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
व्यवसाय: किसान, बेरोजगार युवक, स्वयं सहायता समूह (SHG), डेयरी सहकारी समितियां और निजी कंपनियां आवेदन कर सकती हैं।
अनुभव: यदि आपके पास पशुपालन का पुराना अनुभव या प्रशिक्षण (Training) प्रमाण पत्र है, तो लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
सिबिल स्कोर: बैंक लोन के लिए आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) अच्छा होना चाहिए और आप किसी बैंक के डिफाल्टर नहीं होने चाहिए।
भूमि: डेयरी शेड बनाने और हरे चारे के लिए आपके पास अपनी या लीज (Lease) पर ली हुई जमीन होनी चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
आवेदन करते समय आपको इन दस्तावेजों की फाइल तैयार करनी होगी:
पहचान पत्र: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी।
पते का प्रमाण: बिजली बिल, राशन कार्ड या मूल निवास प्रमाण पत्र।
पशुपालन का प्रमाण: यदि पहले से पशु हैं, तो उनका विवरण।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR): यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें आपके बिजनेस का पूरा प्लान होना चाहिए—जैसे आप कितनी गाय खरीदेंगे, दूध कहाँ बेचेंगे, खर्चा कितना आएगा और मुनाफा कैसे होगा। (इसे आप किसी CA या पशु चिकित्सक की मदद से बनवा सकते हैं)।
जमीन के कागज: खतौनी या लीज एग्रीमेंट।
बैंक पासबुक: पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट।
फोटो: पासपोर्ट साइज फोटो।
जाति प्रमाण पत्र: (यदि आप SC/ST सब्सिडी का लाभ लेना चाहते हैं)।
आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)
डेयरी फार्म लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया मुख्य रूप से दो तरह की है: ऑफलाइन और ऑनलाइन।
1. ऑफलाइन प्रक्रिया (बैंक के माध्यम से)
यह सबसे प्रचलित तरीका है:
सबसे पहले अपने प्रोजेक्ट की एक विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार करें।
अपने नजदीकी सरकारी बैंक (SBI, PNB, आदि) या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में जाएं।
वहाँ के मैनेजर या ‘कृषि अधिकारी’ (Field Officer) से डेयरी लोन स्कीम के बारे में बात करें।
आवेदन फॉर्म भरें और अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट और सभी दस्तावेज जमा करें।
बैंक अधिकारी आपके फार्म की जगह का निरीक्षण (Inspection) करेंगे।
सब कुछ सही पाए जाने पर आपका लोन मंजूर (Sanction) कर दिया जाएगा।
2. ऑनलाइन प्रक्रिया
कुछ योजनाएं जैसे JanSamarth Portal या Stand-Up India के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करती हैं:
संबंधित पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी रजिस्टर करें।
‘Agriculture Loan’ या ‘Dairy Loan’ श्रेणी चुनें।
मांगी गई जानकारी भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
आपका आवेदन संबंधित बैंक को भेज दिया जाएगा, जो आगे की कार्रवाई के लिए आपसे संपर्क करेगा।
सफलता के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
लोन के लिए आवेदन करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
छोटा शुरू करें: यदि आप नए हैं, तो सीधे 50 गायों का लोन न मांगें। 5 या 10 पशुओं की यूनिट (Unit) से शुरुआत करना बैंक के लिए फाइनेंस करना आसान होता है।
ट्रेनिंग लें: किसी सरकारी संस्थान (जैसे कृषि विज्ञान केंद्र) से डेयरी फार्मिंग की ट्रेनिंग लें और उसका सर्टिफिकेट आवेदन के साथ लगाएं। यह बैंक का भरोसा जीतता है।
सही प्रोजेक्ट रिपोर्ट: प्रोजेक्ट रिपोर्ट में हवाई बातें न लिखें। मुनाफे का गणित यथार्थवादी (Realistic) रखें।
नस्ल का चुनाव: अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट करें कि आप कौन सी नस्ल (जैसे मुर्रा भैंस या जर्सी गाय) खरीदेंगे और क्यों।

